Kokila Shiksha jankalyan samiti

कोकिला शिक्षा एवं जनकल्याण समिति (शिक्षा एवं सामाजिक उन्नति के लिए प्रयासरत)


 

मानव सेवा परमो धर्म  की विचारधारा के साथ  कोकिला शिक्षा एवं जनकल्याण  समिति की आधारशिला  मध्यप्रदेश सोसायटी जटिस्ट्रीकरण अधिनियम सन १९७३ का क्रमांक ४४ के अधीन २१ नवम्बर २००० में समिति के अध्यक्ष श्री ठाकुरलाल राजपूत  के कर कमलो से पुराने शहर के अशोक गार्डन क्षेत्र में रखी गई, जिसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा को हर वर्ग तक पहुँचाने के साथ-साथ समाज के कल्याण व सेवा के लिए हर संभव प्रयास करना रहा।  समाज सेवा से जुड़े किसी भी कार्य जैसे वृक्षारोपण, प्राकृतिक आपदा, पीड़ितों एवं जरूरत मन्दो की सेवा व उन तक जरुरी सामग्री पहुँचाना, रोगियों को मुफ्त दवाई- फल आदि उपलब्ध करवाना निः शुल्क  स्वस्थ्य शिविर राष्ट्रीय त्योहारो को हर्षो उल्लास के साथ मनाना, तालाब गहरीकरण, भोपाल शहर के वृद्ध जनो को स्वयं सेवी संगठनो एवं समाजसेवकों के माध्यम से जुड़कर फल शाल आदि का वितरण, गैस पीडितो, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक विकलांगो व निम्न आय वर्ग के शिक्षित बेरोजगार युवक व युवतियों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें अपने पैरों पर खड़े करना आदि, को करने में समिति के सदस्यों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया है।  अशोक गार्डन के आस-पास सभी क्षेत्रो-सेमरा, चांदबढ़, रेलवे स्टेशन, इन्द्रपुरी, अप्सरा, सुभाष नगर, गोविंदपुरा, जहांगीराबाद, प्रगतिनगर, कोलुवा, सुन्दर नगर, शंकर गार्डन, संतोष नगर आदि ऐसे क्षेत्र है जहाँ समाजसेवी संगठनो की बहुत ज्यादा आवश्यकता है, जो क्षेत्र के विकास के लिए कंधे से कन्धा मिलाकर सेवा कर सके।

समिति समय समय पर समाजसेवी कार्यक्रम चलाने के  साथ कई क्षेत्र में नियमित रूप से सेवारत है  जिनमे कोकिला अवार्ड की स्थापना सन १९९३ में प्रगतिशील क्षेत्रीय राजपूत संस्था के पूर्व अध्यक्ष श्री ठाकुर लाल राजपूत एवं उनके भ्राता श्री रामचन्द्र राजपूत द्वारा उनकी माँ स्वर्गीय कोकिला बाई राजपूत की स्मृति में की गई थी। यह अवार्ड समाज के कक्षा दशवीं में सर्बाधिक अंक प्राप्त करने वाले क्षात्र/क्षात्रा को प्रतिवर्ष दिया जाता है इस अवार्ड में शील्ड के साथ ११०० रुपये का पारितोषिक भी क्षात्र/क्षात्रा को दिया जाता है।  सन १९९३ में प्रथम अवार्ड श्री  गेंदालाल जी राजपूत के करकमलो से प्रदान कर शुरुवात की गई थी।  इस अवार्ड को प्रदान करने की प्रेरणा ठाकुर लाल जी को अपनी माँ स्वर्गीय कोकिला बाई राजपूत से मिली जो हमेशा सभी को शिक्षा के हेतु प्रेरित करती थी , उस समय की जानलेवा बीमारी टी बी के साथ लड़ाई लड़ते हुए कई संघर्षो के बाद भी वह हमारी शिक्षा हेतु चिंतित रहती थी अंततः ४ सितम्बर १९७२ को उन्होंने अंतिम सांस ली।  शिक्षा से प्रेरित उनकी इस भावना को चिर स्थाई रखने हेतु “कोकिला अवार्ड” की स्थापना कर उनकी प्रेरणावो को ठाकुर लाल जी ने अमरत्व प्रदान किया।  इसी  श्रृंखला में समिति के वर्तमान अध्यक्ष रजनीश राजपूत ने ११ जून २००० में समिति के अंतर्गत ” संपूर्ण कम्प्यूटर्स एजुकेशनल ग्रुप” की स्थापना कर तकनीकि शिक्षा के क्षेत्र में समाज की सेवा का बीड़ा उठाया, जहाँ सभी वर्ग के युवक- युवतियों को रोजगारोन्मुखी डिप्लोमा कोर्सेस पीजीडीसीए, डीसीए एवं अल्पावधि कोर्सेस टेली, ऑफिस ऑटोमेशन,वेब डिजाइनिंग आदि का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।  संस्था को माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रिकारिता विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त है।  इसी के साथ- साथ सन २०१० से गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाती, जनजाति,अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों को शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भी लाभान्वित करने की जबावदारी समिति ने  संस्था के  माध्यम से ली है, जिसे यहाँ के सभी सदस्य गण एवं स्टाफ बखूबी निभा रहे है।

संस्था में प्रशिक्षण की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाता है।  जहाँ आधुनिक उपकरणों, मास्टर फ़ैकल्टियों व प्रोफेशनल्स के द्वारा कम्प्यूटर प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ ही साथ मेमोरी, एनएलपी, स्पोकन इंग्लिश, पर्सनालिटी डेवलपमेंट, मैनेजमेंट, आदि के वर्कशॉप व सेमिनार का आयोजन भी किया जाता है जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके।  प्रशिक्षण के दौरान पाठ्यक्रम सामग्री, लाइब्रेरी सामग्री, स्वल्पाहार व कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

यहाँ समय समय पर रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए विभिन्न व्यापारिक एवं व्यावसायिक संस्थाओं में प्लेसमेंट हेतु केम्पस का  आयोजन भी किया जाता है।  समिति के माध्यम से  पिछले १४ वर्षों  में लगभग १०००० से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।  जिनमे से प्रशिक्षण प्राप्त कई विद्यार्थी व्यवसाय के साथ शासकीय/ अशासकीय संस्थाओं में कार्यरत है, जिसे देख मन प्रफुल्लित हो उठता है।

इसके अतिरिक्त समिति / संस्था  ISO 9001:2008  सर्टिफाइड होने के साथ- साथ  महिला एवं बाल विकास विभाग व मध्यप्रदेश व्यावसायिक  शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद से भी पंजीकृत है, जिनके पाठ्यक्रमों का लाभ भी समिति के माध्यम से सभी वर्ग के विद्यार्थियों को निःशुल्क प्राप्त होता है।

मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से प्रबन्ध संचालक  श्री टी डी पटेल जी, लेखा अधिकारी सुश्री सपना खत्रे, श्री नरेंद्र त्रिपाठी, श्री सुशील जैन, श्री सौरभ दाऊद तथा रईश खान के साथ- साथ जिला विकास अभिकरण द्वारा चलाई जी रही स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना के माध्यम से प्रोजेक्ट ऑफिसर श्री एस एस धाकरे व सहायक प्रोजेक्ट ऑफिसर श्रीमती लता सोनी द्वारा अपना बहुमूल्य समय निकालकर, निरिक्षण कर प्रशिक्षण की गुणवत्ता व संस्था के आधुनिक संसाधनो को सराहा गया व योजना को सुचारू रूप से चलाने हेतु मार्ग दर्शन प्रदान किये गए।

हमारी समिति अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पूर्णतः सजग है हमारी समिति अंतर्गत संस्था, अशोक गार्डन की विशेष पहचान बन चुकी है।  हम अपने कर्तव्यो व सेवा को सभी के आशीर्वाद व मार्गदर्शन से इसी प्रकार निरंतरता देकर हमारे क्षेत्र व शहर के विकास को इसी प्रकार गति प्रकार करेंगे।

हमारे वर्त्तमान समिति सदस्यगण व स्टाफ मेंबर उन सभी भूतपूर्व समिति सदस्यों व स्टाफ के आज भी शुक्रगुजार है जिन्होंने अपनी बहुमूल्य समय के साथ अपनी हर खूबियों को साझा कर क्षेत्र के विकास हेतु सहयोग प्रदान कर एक मजबूत आधारशिला रखी।